


भंसाली समाज
एकता • संस्कृति • परंपरा • प्रगति
वर्षों की विरासत
एकता, संस्कृति और समाज की निरंतर प्रगति के लिए समर्पित हमारी गौरवशाली यात्रा।
अधिवेशन
निरंतर यात्रा
अखिल भारतीय भंसाली समाज एक संगठित एवं जीवंत सामाजिक संस्था है, जो भंसाली समाज की एकता, संस्कृति, परंपराओं और संगठनात्मक मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्यरत है।
पिछले 42 वर्षों की संगठनात्मक यात्रा और 20 राष्ट्रीय अधिवेशनों के माध्यम से समाज ने अपनी एकता, संस्कृति और संगठनात्मक संरचना को मजबूत बनाया है।
समाज का उद्देश्य केवल गौरवशाली परंपराओं का संरक्षण करना ही नहीं, बल्कि समय के साथ सकारात्मक परिवर्तन, नई पीढ़ी की सक्रिय सहभागिता और समाज की प्रगति के लिए नए अवसरों का निर्माण करना भी है।
भंसाली समाज में शिक्षा, उद्योग, चिकित्सा, विधि, प्रशासन, विज्ञान एवं तकनीक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभाशाली सदस्य अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समाज इन प्रतिभाओं और अनुभवों को सामूहिक संसाधन के रूप में विकसित कर नई पीढ़ी को मार्गदर्शन, अवसर और सशक्त भविष्य प्रदान करने की दिशा में प्रयासरत है।
भंसाली समाज अलंकरण चयन समिति
न्यायमूर्ति श्री प्रकाशचन्द सा टैटिया
अखिल भारतीय भंसाली समाज अलंकरण चयन समिति के अध्यक्ष
श्री पुखराज सा भंसाली
राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय भंसाली समाज
श्री घेवरचन्द सा भंसाली
राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय भंसाली समाज
श्री संजय सा भंसाली
राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारतीय भंसाली समाज
डॉ. श्री वीरेन्द्रकुमार सा भंसाली
पूर्व प्रोफेसर, एम.बी.एम. इंजीनियरिंग कॉलेज
श्री अतुल सा भंसाली
विधायक, जोधपुर शहरराष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
21वाँ द्विवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन — 3 व 4 अक्टूबर, 2026
प्रिय भंसाली बन्धुओं, बहनों एवं युवागण
आप सबको प्रणाम - जय जिनेन्द्र।
आपको सूचित करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि अखिल भारतीय भंसाली समाज का 21वाँ द्विवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 3 व 4 अक्टूबर, 2026 शनिवार-रविवार को प्राचीन सुप्रसिद्ध श्री नागौडा पार्श्वनाथ तीर्थ पर आयोजित होने जा रहा है। समाज के विकास में राष्ट्रीय अधिवेशन की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। दो दिन के इस राष्ट्रीय अधिवेशन में भारतवर्ष के सभी राज्यों से भंसाली बन्धु बहनें व युवागण बड़ी संख्या में उपस्थित होकर सभी कार्यक्रमों में सक्रिय भाग लेते हैं, एवम् अपने अमूल्य सुझावों द्वारा समाज को और अधिक प्रगतिशील बनाने में परस्पर सहयोग करते हैं। आपस में जान पहचान बढ़ती है, आपसी प्रेम व बन्धुत्व भावना में अभिवृद्धि होती है।
अधिवेशन में 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, प्रतिभाओं एवं तपस्वियों का सम्मान भी किया जाता है एवम् युवाओं, महिलाओं व बच्चों के लिए अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। मेरा आप सभी से निवेदन है कि आप अपने परिवार के युवाओं को अधिवेशन में आने के लिए अवश्य प्रेरित करें ताकि समाज में युवाओं की सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहन मिले। अधिवेशन में आयोजित साधारण सभा में चुनाव अधिकारी श्री कानराज के. भंसाली, बैंगलुरू के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय संचालन समिति, राष्ट्रीय युवा संगठन, राष्ट्रीय महिला संगठन के पदाधिकारियों के चुनाव सम्पन्न करवाये जायेंगे।
क्षेत्रीय उपाध्यक्षों का चयन अपने अपने क्षेत्र की शाखाओं द्वारा किया जाकर अधिवेशन में चुनाव अधिकारी को देना होता है। प्रायः यह देखा गया है कि शाखाओं द्वारा चयनित राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं जिससे उस क्षेत्र की शाखाओं, युवा एवं महिला शाखाओं में निष्क्रियता उत्पन्न होती है। कुछ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तो राष्ट्रीय संचालन समिति की नियमित बैठकों में अनुपस्थित रहते हैं।
समाज के विधानानुसार क्षेत्रीय उपाध्यक्ष को राष्ट्रीय संचालन समिति की न्यूनतम 50 प्रतिशत बैठकों में उपस्थित होना अनिवार्य है अन्यथा उसकी पदाधिकारी के रूप में गिनती नहीं होती है। क्षेत्रीय उपाध्यक्षों के अधिकार एवं कर्तव्यों का स्पष्ट उल्लेख समाज के संविधान में किया गया है जिसे ध्यान में रखकर शाखाओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्षों का चयन करना चाहिए। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद राष्ट्रीय संचालन समिति एवं शाखाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। जितना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अधिक सक्रिय होगा उतनी ही उसकी क्षेत्र की शाखाएं, युवा एवं महिला शाखाएं सक्रिय होगी। अतः मेरा सभी शाखाओं से निवेदन है कि वे ऐसे योग्य एवं अनुभवी व्यक्ति को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष चुनें जो समाज के प्रति निष्ठा व समर्पण भाव के साथ अपने व्यस्ततम जीवन से पर्याप्त समय निकालकर समाज के विकास में अपना योगदान दे सके एवम् अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर सके।
मेरे राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यकाल का यह अंतिम वर्ष है। पिछले 33 वर्षों के लम्बे कार्यकाल में समाज के सभी बन्धुओं, बहनों व युवाओं का आत्मीय स्नेह व सहयोग मुझे प्राप्त हुआ। आप सभी के तन-मन व धन से सहयोग के कारण ही मैं इतना लम्बा कार्यकाल सफलतापूर्वक सम्पन्न कर सका। मुझे मेरे सहयोगी बन्धुओं से बहुत कुछ सीखने को मिला है जो मेरे व्यक्तिगत जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है।
मैं आप सब का ऋणी हूँ एवं हृदय की गहराई से आभार प्रकट करता हूँ। इतने लम्बे अंतराल में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर रहते हुए मेरे द्वारा कई गलतियां – भूलें हुई होगी, कई बन्धुओं को मेरे मन-वचन-कर्म से दुख पहुँचा होगा जिसके लिए मैं आप सबका क्षमा प्रार्थी हूँ – आशा एवम् विश्वास है कि आप मुझे क्षमा करेंगे।
अंत में, मैं एक बात दिल से कहना चाहूँगा कि अखिल भारतीय भंसाली समाज संगठन ने पिछले 42 वर्षों से बहुत सारी उपलब्धियां हासिल की है। आज यह वटवृक्ष समस्त समाज को शीतल छाया व फल प्रदान कर रहा है। हमारा समाज और अधिक सशक्त बने, और अधिक संगठित होकर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो। हम सब मिलकर एकता एवं परस्पर सहयोग की भावना से एवं छोटे-मोटे मतभेदों को भुलाकर समाज को और अधिक प्रगति के शिखर पर पहुँचायें – ऐसी मंगल कामना।
धन्यवाद!
पुखराज भंसाली
(राष्ट्रीय अध्यक्ष) अखिल भारतीय भंसाली समाज, जोधपुरसमाज की झलकियां एवं उत्सव
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सामुदायिक उत्सव एवं सांस्कृतिक उल्लास
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कार्यालय एवं मुख्य विवरण
अखिल भारतीय भंसाली समाज पिछले 42 वर्षों से लगातार समाज के उत्थान, सांस्कृतिक संरक्षण और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए समर्पित रूप से कार्यरत है।
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